चचेरी बहन को चोद कर मजा लिया

मेरा नाम फैज़ल है। आज मैं 27 साल का हूँ।

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मेरी कहानी बहुत अलग और अनोखी है।

मुझे अपनी चचेरी बहन से गहरा प्यार हो गया है।

ये प्यार सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ये शारीरिक आकर्षण और जुनून की हद तक पहुँच गया।

मैं जानता हूँ कि समाज में ऐसे रिश्तों को स्वीकार नहीं किया जाता, लेकिन हमारे दिलों ने अपनी राह खुद चुन ली।

देसी बहन भाई की चुदाई कहानी शुरू होती है करीब 7 साल पहले, हमारे घर से ही।

तानिया मेरी चचेरी बहन है, और वो मुझसे 2 साल बड़ी है।
उसकी उम्र उस वक्त 22 साल की थी और मेरी 20।

तानिया का विवाह हो चुका था, लेकिन कुछ ही महीनों में उसका विवाह विच्छेद हो गया।

वो दुखी और अकेली थी, लेकिन उसकी खूबसूरती और आकर्षण में कोई कमी नहीं आई थी।
वो गोरी-चिट्टी, लंबे बालों वाली, और फिगर ऐसी कि कोई भी देखकर मोहित हो जाए।
उसके बूब्स 36 साइज के थे, जो हमेशा उसके कपड़ों से उभरकर नजर आते थे।

हमारे घर में सब कुछ सामान्य चल रहा था।
तानिया अक्सर घर के कामों में व्यस्त रहती थी।

एक दिन वो मेरे सामने कपड़े धो रही थी। वो झुककर काम कर रही थी, और उसके ब्लाउज से उसके दूध साफ नजर आ रहे थे।
वो बार-बार हिलते थे, जैसे मुझे ललचा रहे हों।
मेरी नजरें बार-बार वहाँ टिक जातीं।

मेरा मन करने लगा कि इन्हें निकालकर चूसना शुरू कर दूँ।
वो नरम, गोल, और आकर्षक लग रहे थे।

मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था।
उस पल से मेरे मन में उसके लिए एक अलग तरह की चाहत जाग गई।

मैं जानता था कि ये गलत है, लेकिन दिल पर काबू कहाँ होता है? तानिया का डिवॉर्स हो चुका था, तो मुझे लगता था कि वो भी अकेली है और शायद शारीरिक सुख की तलाश में होगी।

मैंने तय किया कि बात आगे बढ़ाऊँगा, धीरे-धीरे, सावधानी से।

फिर मैंने बात आगे बढ़ाई।
एक शाम मैंने अपनी बहन से कहा, “चलो आपा, घूमने चलें!”
वो थोड़ा हैरान हुई और बोली, “कहाँ जाएँगे?”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “बस चल तो सही! तुझे ताजी हवा लगेगी, और हम थोड़ा समय साथ बिता लेंगे!”

वो मान गई।
मैं तानिया को बाइक पर घुमाने ले गया।

शाम का वक्त था, हल्की ठंडी हवा चल रही थी।
जब हम बाइक पर बैठे, वो मेरे पीछे चिपककर बैठी।

उसके 36 नंबर के बूब्स मेरी पीठ से पूरी तरह दब रहे थे।
वो नरम और गर्म महसूस हो रहे थे, जैसे मेरे शरीर को छूकर आग लगा रहे हों।

मैं बाइक चलाते हुए महसूस कर रहा था कि वो जानबूझकर और करीब आ रही है।
मेरा लंड तनने लगा और मन में ख्याल आया कि शायद इसे अभी सेक्स की जरूरत है।

ऐसा सोचना पड़ा क्योंकि उसका डिवॉर्स हो चुका था।
शादी के बाद वो शारीरिक सुख से वंचित थी।
जाहिर-सी बात है, उसे भी सेक्स चाहिए।

ये बात मैं अच्छे से जानता था, क्योंकि मैंने उसके चेहरे पर वो उदासी देखी थी।
इसलिए मैंने भी आगे कदम बढ़ाने का सोचा।

बाइक चलाते हुए मैंने सोचा कि ये मौका है, उसे और करीब लाने का।

रास्ते में एक सुनसान जगह पर रुककर मैंने उससे कहा, “तू बाइक चलना नहीं सीखेगी क्या? आज सिखाता हूँ!”
वो उत्सुक होकर बोली, “सिखाओ मुझे! मैं सीखना चाहती हूँ!”

फिर मैंने उसे आगे बिठाया और सिखाना शुरू किया।
मैं उसके पीछे बैठा था, मेरे हाथ उसके हाथों पर थे।
बाइक चलाते हुए मैं उसके शरीर को छू रहा था।

थोड़ा राउंड मारने के बाद, जब वो थोड़ी-बहुत सीख गई, तो मैं कम्फर्टेबल बैठ गया।
अब वो चला रही थी, और मैं पीछे से उसे सपोर्ट कर रहा था।

मैंने धीरे से अपने हाथ उसके पेट पर रखे।
उसका पेट नरम और चिकना था।

फिर मैंने उसके पेट को सहलाना शुरू किया, हल्के-हल्के, जैसे कोई गलती न हो।
वो हल्के से कमसिन-सी हँसी, लेकिन कुछ बोली नहीं।
ये मुझे हरी झंडी लगी।

फिर मैंने हिम्मत करके अपने हाथ उसके बूब्स पर रख दिए और धीरे-धीरे दबाना शुरू किया।
वो नरम थे जैसे रुई के गोले।
मैं महसूस कर रहा था उनकी गर्माहट।

वो बोली, “क्या कर रहा है!” और स्माइल किया, जैसे उसे भी मजा आ रहा हो।

मैंने कोई जवाब नहीं दिया, बस दबाता रहा।
हमारी बाइक एक अच्छी-सी जगह पर रुकी, जहाँ कोई नहीं था।
चारों तरफ हरियाली और शांति।

मैं पीछे बैठा था और उसने मुड़कर मुझसे बात शुरू की।
उसका चेहरा करीब था, उसकी आँखों में एक चमक थी।

मैंने उसे तुरंत किस कर लिया, उसके होठों पर।
वो मीठे और नरम थे।

वो बोली, “अरे, ऐसे पब्लिक प्लेस पर ये करना अच्छा नहीं!”
लेकिन उसके चेहरे पर शरम और खुशी दोनों थे।

मैंने उससे प्रपोज किया, “तानिया, आई लव यू! मैं तुम्हें बहुत चाहता हूँ!”
उसने कहा, “हम तो भाई-बहन हैं! ये गलत है!”

मैंने तुरंत दूसरा किस किया, और गहरा, और बोला, “नहीं, अभी हम GF-BF हैं! रिश्ते से ऊपर हमारा प्यार है!”

वो चुप हो गई, लेकिन उसने मुझे रोका नहीं।
हम दोनों ने थोड़ी देर वहाँ बैठकर बातें की और फिर घर की ओर चल पड़े।

रास्ते में मेरा मन उछल रहा था।

फिर हम दोनों घर आए।
घर में जैसे ही हमने एंट्री की, हम बेडरूम में चले गए।

घर में उस वक्त कोई नहीं था, सब बाहर गए हुए थे।
कमरे में घुसते ही मैंने दरवाजा बंद किया।

तानिया की आँखों में वही चाहत थी जो मेरी थी।
मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी।
मेरे सामने मेरी बहन ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैंटी में थी।

उसका शरीर एकदम परफेक्ट था – पतली कमर, भरे हुए बूब्स, और चिकनी त्वचा। मैं उसे देखकर पागल हो रहा था।

उधर ही हम दोनों ने किसिंग शुरू की।

मैंने उसके होठों को चूमा, जीभ से खेला।
वो भी जवाब दे रही थी, उसके हाथ मेरे बालों में थे।

15 मिनट तक हम किस करते रहे, जैसे समय रुक गया हो।

उसकी साँसें तेज थीं, मेरा दिल धड़क रहा था।

फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला।
उसके बूब्स आजाद हो गए – गोल, निपल्स गुलाबी और तने हुए।

मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू किया, एक-एक करके … पहले दाएँ को, फिर बाएँ को।
मैं उनको काट रहा था, चूस रहा था, जैसे भूखा हो।

जब मैं उसके बूब्स चूस रहा था, उसकी सिसकती आवाजें आ रही थीं, “अअह अअ… हम्म्म… अआ अअ… म्मह!”

वो मेरे सिर को दबा रही थी, जैसे वह और जोर से चाह रही हो।
उसकी आवाजें मुझे और उत्तेजित कर रही थीं।

फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी।
उसकी चूत साफ और गीली थी, तैयार थी।

मैंने अपना पैंट उतारा, मेरा 6 इंच का लंड तनकर खड़ा था, सख्त और गर्म।
मैंने उसे उसकी चूत में डाल दिया, धीरे से पहले, फिर जोर से।
वह चीखी लेकिन खुशी से।

फिर 15 मिनट तक हमारा वो सेक्स चला।

मैं उसे जोर-जोर से पेल रहा था, वो नीचे से कमर हिला रही थी।

कमरे में सिर्फ हमारी साँसें और फच-फच की आवाजें थीं।
मैंने अपना पानी भी उसके अंदर ही छोड़ दिया, गर्म और भरपूर।

“सच में, मुझे ऐसा सुख कहीं नहीं मिला!” ऐसा मेरी बहन ने मुझसे कहा हाँफते हुए।
उसका चेहरा चमक रहा था।

तब मैं बोला, “तेरे लिए मैं बहुत सोचता था! तेरा डिवॉर्स हुआ है तो कैसे तू दूसरी शादी को मानेगी? लेकिन मेरे मन में तेरे साथ सेक्स करने की चाहत थी, और मैंने कर लिया!”

वो मुस्कुराई और मुझे गले लगा लिया।
हम दोनों नंगे लेटे रहे, एक-दूसरे को सहलाते हुए।

उस रात हमने और दो बार सेक्स किया, हर बार और ज्यादा जुनून के साथ।

अभी हम दोनों बहुत हैप्पी कपल हैं।
मैं उससे शादी भी करने का सोच रहा हूँ लेकिन बहुत सारी समस्याओं को पार करके मुझे ये करना है।
समाज, परिवार, सब कुछ बाधा हैं। लेकिन जो भी हो… हम अभी रेगुलर सेक्स करते हैं, जो हमारे घर में किसी को पता नहीं है। हर रात या मौका मिलते ही हम एक-दूसरे में खो जाते हैं।

मुझे मेरी बहन जैसा सेक्स पार्टनर मिलना मुश्किल है।
वो समझती है मुझे, और मैं उसे।

हमारा प्यार आखिरकार रंग लाया।

मैं आशा करता हूँ कि हमारी शादी हो जाएगी क्योंकि हमारे यहाँ चचेरे भाई-बहन की शादी हो जाती है!
वो दिन आएगा, जब हम खुले तौर पर साथ होंगे।

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