मेरी पहली चुदाई रात में छत पर
राजीव दिव्या लवरात की ठंडी हवा छत पर सरसराती हुई बह रही थी। दिसंबर की वो सर्द रात थी, जब पूरा शहर सो चुका था, लेकिन दिव्या की आँखों में नींद नहीं थी। वो छत पर टहल रही थी, अपनी साड़ी की पल्लू को कंधे पर संभालते हुए। घर में सब सो गए थे—माँ, पापा, भाई-बहन। लेकिन दिव्या का मन