नमस्कार दोस्तो, मैं आपका राज शर्मा हिन्दी सेक्स कहानी पर आपका स्वागत करता हूं। मैं हिन्दी सेक्स कहानी और चूत दोनों का ही दीवाना हूं। मुझे चुदाई का बहुत शौक है और जब मौका मिलता है तो चूत को छोड़ता नहीं हूं।
एक दिन मैं कम्पनी से रूम पर जल्दी आ गया।
मैं रूम में लेटा हुआ था कि तभी मेरे फ़ोन में एक अनजान नंबर से कॉल आया।
मैंने कहा- कौन?
वो बोली- इतनी जल्दी भूल गए?
मैंने कहा- प्लीज़ आप अपना नाम बताएं।
वो बोली- मैं सपना हूं और तुम अभी घर आओ. मुझे काम है।
मैं कुछ बोल पाता उससे पहले उसने कॉल काट दिया।
मैंने फटाफट कपड़े पहने और उसके घर पहुंचा तो देखा कि वो घर पर अकेली थी।
उसने पिंक कलर की हाफ नाईटी पहन रखी थी।
मैंने कहा- भाभी क्या काम है?
वो बोली- अंदर चलोगे या सब कुछ यहीं गेट पर ही बता दूं?
फिर हम दोनों अंदर आ गए.
मैंने कहा- अब बताओ।
वो बोली- राज तुम इतने दिन से क्यों नहीं आये?
मैंने कहा- काम ज्यादा है और खन्ना सर भी हैं तो मैं कैसे आता? वैसे भी दिन के समय में आना ठीक नहीं है भाभी, कोई आ गया तो दिक्कत हो जाएगी।
वो बोली- तुम्हारे खन्ना सर उनकी अम्मा और बेटे को लेकर मेरठ गए हैं. वो रात को आएंगे या कल सुबह ही आयेंगे.
ये सुनकर मेरे लौड़े में कुछ कुछ हरकत होने लगी. उसकी चूत तो मैं पहले भी चोद चुका था लेकिन जब वो सामने होती थी तो जैसे लंड में आग लगा देती थी.
धीरे धीरे मेरे लौड़े ने हरकत शुरू कर दी थी।
वो मेरे लंड की ओर देख रही थी, मैं उसकी चूचियों की ओर देख रहा था।
मैं बोला- तो फिर आप क्या सोच रही हो?
मैंने वो मेरे करीब आयी और मेरे सीने से लगकर नीचे हाथ ले गयी।
उसका हाथ सीधा मेरी पैंट की जिप पर जाकर रुका और उसने मेरे लंड को सहलाते हुए कहा- मैं भी वही सोच रही हूं जो ये सोच रहा है।
भाभी को मैंने अपनी ओर खींचा और उसको कसकर अपनी बांहों में भींच लिया।
मैं उसके होंठों को चूसने लगा और वो मेरे सिर को पकड़ कर मेरे होंठों को दोगुनी तेजी से चूसने लगी।
उसके जिस्म में बहुत ही ज्यादा आग थी. मैं पांच मिनट तक उसको चूसता रहा और फिर हमारे हाथ एक दूसरे की जांघों के बीच में असली जगह पर आ गये।
वो मेरे लंड को सहलाने लगी और मैं उसकी चूत को नाइटी के ऊपर से सहलाने लगा. दोस्तो, नाइटी के ऊपर से चूत को सहलाने का मजा अलग होता है।
औरत को पूरी नंगी देखने का अपना मजा है लेकिन औरत जब नीचे से नंगी हो और उसने ऊपर केवल एक पतला कपड़ा डाला हुआ हो जिसमें से उसके अंगों को को महसूस किया जा सके तो उसके बदन को मसलने और छूने में अलग मजा आता है।
उसकी चूचियां उसकी नाइटी में बहुत मस्त फीलिंग दे रही थीं. उसकी चूचियों के निप्पलों को मैं नाइटी के ऊपर से ही मसल रहा था, इसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था।
सपना के बूब्स तनकर टाइट हो गये और उसके निप्पल एकदम कड़क हो गये थे. फिर मैं उसकी नाइटी उतारने लगा तो वो कहने लगी कि अंदर चलो।
फिर हम अंदर वाले रूम में चले गये. अंदर जाकर हम दोनों एक दूसरे को फिर से किस करने लगे. मैं उसकी गांड को दबाते हुए उसके होंठों को चूस रहा था, वो मेरी पैंट की चेन खोलकर अंदर हाथ दे चुकी थी।
काफी देर तक हम एक दूसरे से लिपटे रहे. बहुत दिनों के बाद सपना की चूत आज फिर मारने का मौका मिला था।
फिर मैंने उसकी नाइटी उतार दी, उसने नीचे से कुछ नहीं पहना था, वो मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी।
मैंने उसकी चूचियों को पीना शुरू कर दिया।
वो सिसकारने लगी- आह्ह राज… इस गर्म जीभ की चुसाई के लिए मैं तरस गयी थी. तुमने मुझे बहुत तड़पाया है. आज मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगी।
वो अब कसकर मेरे सिर को अपनी चूचियों में दबाने लगी. मैं उसकी चूचियों को दांतों से काटने लगा था. वो आह्ह… आईई… उफ्फ… करते हुए चूची चुसवाने का मजा ले रही थी।
उसकी चूचियों को चूस चूसकर मैंने लाल कर दिया. अब मैं नीचे उसके पेट को चूमता हुआ चलने लगा।
मगर उसने मुझे फिर से ऊपर खींचा और मेरे होंठों को चूसने लगी।
मैंने अब नीचे से ही उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया. उसने एक टांग को मेरे चूतड़ों पर चढ़ा लिया और जोर से मुझसे लिपटने लगी, मैंने भी उसकी चूत में उंगली दे दी और तेजी से अंदर बाहर करने लगा।
चूत में उंगली जाते ही वो मेरी गर्दन को चूसने लगी और काटने लगी।
मैं तेजी से उसकी चूत को उंगली से चोद रहा था।
वो पागल सी होती जा रही थी. फिर उसने मेरी पैंट को खोलना शुरू कर दिया।
उसने धीरे धीरे मेरी पैंट को चूत में उंगली लेते हुए ही खोला. मेरी पैंट नीचे गिर गयी और उसने मेरे अंडरवियर में हाथ देकर मेरे लंड को पकड़़ लिया।
मेरा लंड पहले ही फटने को हो रहा था।
वो मेरे लंड की मुठ मारने लगी. फिर उसने मुझे छोड़ा और नीचे बैठ गयी. उसने अंडरवियर खींच कर मेरे लंड को मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी।
मैं तो अब हवा में गोते लगाने लगा।
बहुत दिनों के बाद उसके मुंह की चुसाई मिली थी. मस्त मजा आ रहा था. फिर मैंने अपनी शर्ट भी उतार दी. अब मैं भी पूरा नंगा था. वो मेरे लंड को चूसती जा रही थी।
अब हम दोनों 69 की पॉजीशन में आ गए और लंड चूत चूसने लगे। वो गपागप गपागप लंड को मुंह में अंदर बाहर करने लगी. मैंने चूत में जीभ घुसा दी और चोदने लगा।
थोड़ी देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ कर उसकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा।
वो मुझे अपने ऊपर खींचने लगी लेकिन मैं लंड को रगड़ता रहा।
इससे वो पगला गयी और बोली- चोद दे साले … अब क्यों जान ले रहा है … तेरा लौड़ा दे दे मेरी चूत में!
उसकी चुदास जानकर मैंने उसकी चिकनी हो चुकी चूत में अपने मूसल लंड को घुसा दिया. वो आह्ह … आह्ह … आईई … ऊईई करने लगी. मैं भी अब पूरे जोश में आ चुका था।
मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी. अब मैं सटासट सटासट लंड अंदर बाहर करने लगा।
थोड़ी देर में कमरा चुदाई की आवाजों से गूंज उठा।
वो सिसकारते हुए बोली- आह्ह … राज चोदो मुझे … आहहह … चोदो … चोदो राजा … और तेज़ … फाड़ दे मेरी … आह्ह।
मैं जोश में आ गया और लन्ड के तेज़ तेज़ झटके मारने लगा। अब मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से पकड़कर झटके मारने लगा. वो भी गांड को पीछे करके साथ देने लगी।
वो बोली- राज तुम मस्त चोदते हो. साला … मेरा पति … बुड्ढा … उसके लन्ड में दम नहीं है। मेरी चूत को प्यासी छोड़कर सो जाता है। राज और चोदो … खन्ना की रंडी बीवी को … चोद चोदकर मस्त कर दो. आह्ह … चोदो राज … आह्ह।
बॉस की बीवी की चुदाई चलते हुए काफी देर हो चुकी थी. वो साली ठंडी होने का नाम नहीं ले रही थी. मैं अब पूरी रफ्तार से चोदने लगा और वो गांड चलाने लगी. दोनों पसीने में भीग गए थे।
मैंने उसे उठाकर बिस्तर से नीचे किया और नीचे लेट गया. फिर अपने लौड़े पर बैठाकर चोदने लगा। लंड अंदर बच्चादानी में टकराने लगा।
उसकी सिसकारियां चीखों में बदलने लगीं. मैं और तेज़ तेज़ झटके मारने लगा।
वो भी बेहद गर्म हो गई और लंड पर उछल उछल कर गांड पटकने लगी।
अब धीरे धीरे उसकी गान्ड भारी होने लगी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. अब लंड और जल्दी जल्दी अंदर बाहर होने लगा।
उसकी चूत से निकले पानी ने मेरा लंड और मेरी जांघें तक भिगा दीं. अब रूम में फच्च … फच्च की आवाजें गूंज रही थीं. अब उसने मेरे हाथों को पकड़ कर अपनी चूचियों पर रखवा लिया, अब वो मेरे हाथ से अपनी चूची को दबाने लगी।
मैंने फिर उसे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगों को चौड़ी करके चूत में लन्ड घुसा दिया, उसकी चीख निकल पड़ी. मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ तेज़ चोदने लगा।
अब उसकी हालत खराब होने लगी और वो थक गई, मैंने उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख दिया और उसकी चुदाई करने लगा। अब हर झटके से दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गईं थी।
थोड़ी देर बाद दोनों ने एक साथ पानी छोड़ दिया और उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गई।
मैं उसके ऊपर लेट गया।
थोड़ी देर बाद उसने मुझे उठने को कहा।
फिर वो किचन में गई और बादाम का दूध लेकर आई। मैंने दूध पी लिया और वो मेरी गोद में बैठ गई।
कुछ देर तक मैं आराम से लेटा रहा. थोड़ी देर बाद मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा।
मेरा लंड अब उसकी गान्ड में चुभने लगा।
मैं दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा और वो उसकी गान्ड मेरे लौड़े पर रगड़ने लगी।
मैंने उसे बिस्तर पर उल्टा लिटा दिया और तेल की कटोरी से उसकी गान्ड के छेद में तेल की बूंदें डालकर उंगली से चोदने लगा।
वो बोली- राज … मेरे राजा … फिर से बजा दे एक बार … बहुत मन कर रहा है. अपना लौड़ा डाल दो।
मैंने उसकी टांगें चौड़ी कर दीं और लंड को तेल की कटोरी में डुबा दिया. लंड को चिकना कर मैंने बॉस की बीवी की गांड में घुसा दिया।
लंड गांड में घुसते ही उसकी चीख निकल पड़ी- आह्ह… मर गयी।
शायद वो सोच रही थी कि मैं उसकी चूत में डालूंगा. गांड चुदाई का उसको अन्दाजा नहीं था।
मैं उसकी गांड चोदने लगा और धीरे धीरे मैंने अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और अंदर-बाहर करने लगा. उसकी गांड टाईट थी तो
मुझे मजा आने लगा, अब वो भी गांड मटका मटकाकर चुदवाने लगी।
अब मैं बिस्तर पर लेट गया और उसकी गान्ड को पकड़कर लंड पर रख दिया और चोदने लगा. वो गांड को ऐसे चला रही थी जैसे वो लंड को चोद रही हो।
दोनों की सिसकारियों से पूरा कमरा गूंज उठा।
अब मैंने उसे घोड़ी बना कर गांड चोदना शुरू कर दिया और उसकी गान्ड में थप्पड़ मारने लगा।
वो चिल्लाने लगी- राज… आह्ह… और चोदो… आह्ह फ़ाड़ दो मेरी गान्ड।
मैं बोला- भाभी… आज मैं आपको इतनी चोदूंगा कि आपकी चूत रोने लगेगी।
वो बोली- रुला दो. इसका सारा पानी खाली करवा दो. ये बहुत परेशान करती है मुझे।
अब मैं तेजी से झटके मारने लगा और थोड़ी देर बाद मैंने उसकी गान्ड में वीर्य छोड़ दिया। हम दोनों पसीने से लथपथ हो गये थे और बिस्तर पर लेट गए।
थोड़ी देर बाद दोनों बाथरूम में साथ गए और एक दूसरे को साफ़ किया।
फिर खन्ना सर का फोन आया- राज़ तुम मेरे घर चले जाना. सपना अकेली है. मैं सुबह 9 बजे तक आ जाऊंगा. दोनों यहीं से कम्पनी चलेंगे।
मैंने कहा- ठीक है सर, मैं थोड़ी देर बाद चला जाऊंगा।
फोन काट कर मैंने सपना को बताया तो वो खुश हो गई।
खन्ना सर के पहले ही मैं तो उसकी बीवी की चुदाई कर चुका था।
फिर हमने खूब मस्ती की. शाम को उसने खाना तैयार किया. फिर दोनों ने साथ में खाया।
मैं हॉल में था, वो उठी और रूम में चली गई।
अब हम दोनों अपनी मस्ती कर सकते थे. वो अपने रूम में चली गयी और मैं टीवी देखता रहा।
उसने आधे घंटे के बाद मुझे आवाज दी तो मैं रूम में गया।
अंदर जाकर देखा तो बिस्तर पर गुलाब के फूल डले थे।
चारों तरफ दीए जल रहें थे और सपना भाभी दुल्हन के जोड़े में ऐसे बैठी थी जैसे कोई नई दुल्हन सुहागरात की सेज पर बैठी हो।
मैं बिस्तर पर गया वो बोली- राज तुम आज मेरे पति हो. और पहली बार हम सुहागरात मनाएंगे।
फिर उसने मुझे दूध पिलाया और मिठाई खिलाई. मैंने उसका घूंघट उठाया और मिठाई खिलाई. उसके माथे को चूमा। अब मैंने उसके कपड़े गहने उतारे और नंगी कर दिया. उसके बाद उसने मेरे कपड़े उतार दिए।
फिर उसने मेरे लंड पर कुमकुम हल्दी का टीका लगाकर मेरे पैर छुए और रोने लगी। मैंने उसे गले से लगाया और उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा। मेरा लंड खड़ा हो गया और उसने लंड को पकड़ लिया।
मैंने भी उसकी चूत को सहला दिया. हम गर्म हो गये. फिर दोनों 69 की पोजीशन में आ गए। चूमा चाटी के बाद मैंने उसकी चूत में उंगली की और फिर उस सुहागन की चुदाई करने लगा।
अब बॉस की बीवी मेरी बीवी बन चुकी थी. फिर मैंने उसको रातभर जमकर चोदा। उस रात मैंने 3 बार उसकी चूत में और एक बार गांड में लौड़ा घुसा कर पानी छोड़ा।
सुबह जब नींद खुली तो 8 बज गऐ थे. वो जा चुकी थी. फिर दोनों ने एक साथ नाश्ता किया. फिर कुछ देर के बाद खन्ना सर भी आ गये. हम ऐसे नाटक करने लगे कि जैसे कुछ हुआ ही न हो।
खन्ना सर के आने के बाद हम दोनों कम्पनी में आ गए। उसके बाद जब भी मौका मिलता तो मैं सपना को चोद आता।
वो आज भी मेरे लंड की दीवानी है, मैं उसकी चूत का पूरा ख्याल रखता हूं, ये थी मेरे सुपरवाइजर की बीवी की चुदाई की कहानी।